न होना और गायब होने में फर्क है उम्मीद
होने और गायब होने का फर्क भी उम्मीद।
लेकिन जब उम्मीद गायब हो, तो होना न होने जैसा होता है;
और शायद यही है.. उम्मीद?

गायब होना, एक कल्पना भी है, झूठ भी, तथ्य भी और सत्य भी।
तथ्यों में से झूठ गायब,
और वास्तविकता से कल्पना गायब
खो जाना न होना … न होना मगर कही और होना।

भीड़ में सभी गायब,
अधूरे, ढूंढ़ते, अकेले, घटते लोग
आयने में घूरता आधा इंसान, मैं में से मैं गायब।
गायब के लिए हम गायब, ढूंढते के लिए ढूंढता गायब।

गणित में गायब, द्रव्य; दर्शन में गायब, आस्था।
साहित्य में गायब, कवित्वपूर्ण; कला में गायब, रहस्यपूर्ण।
मिल भी गया तो नहीं मिला,
जो खो गया वो हो गया।

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(एक ऐसी घटना है जिसकी सम्भावना शुन्य के सामान,

दशमलव् शुन्य शुन्य शून्य शुन्य शुन्य एक से कम

आकड़ों में असंभव संकट,

‘ब्लैक स्वान’ यानी काला हंस, धरती पर मौजूद नहीं है

हंस केवल सफ़ेद ही होते है)

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ज्ञात अज्ञात, अज्ञात ज्ञात

ज्ञात ज्ञात, अज्ञात…

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